ओसामा तुमरे बिन
ओसामा तुम चले गये सबको अकेला छोड़कर
वहां जहाँ तुम ही कहते थे कि एक जन्नत है
कई लड़ाके और दुनिया भर के कई मासूम
उस जन्नत में तुम्हारे कारण पहुचे थे
तुम बताना हमें ये जन्नत कैसी है
तुम हमेशा बाते बहुत कहते थे
ऊँगली ऊंची कर कर के
ऑडियो विडियो में जब बोलते थे
सुनती,देखती थी थी दुनिया पूरी
तुम से ज्यादा तुम्हारे टेप चलते थे
अरबी में तुम्हारी वो आवाज़ कानो को भाती थी
लगता था क्रांति की भाषा ऐसी ही होती है
क्रांति आसानी से समझ में नही आती है न
पर जोर्ज बुश की अंग्रेजी से तो अच्छी थी
चलो कोई बात नहीं
जहाँ तुम चले गये देखना वहां चे और सद्दाम भी होंगे
वो भी ऐसे ही गए तुम्हारी तरह
दुश्मन तुम सबका एक था पर और रहेगा
पर लड़ाई चे की, तुम लोगो से अलग थी
पर अब अल जजीरा, सीनेन और बीबीसी वाले क्या करेंगे
ये बेचारे कई कई दिन तक
तुम्हारी बातो के मतलब निकालते थे
तुम्हारे होने ना होने पर बहस करते, लड़ते पूरा जोर लगाके
और तुम मजे से बैठ के देखते थे न उनको, मुझे पता है
चलो कोई बात नहीं
अब उन्हें कोई नया ओसामा बनाना पड़ेगा
पर वो इतना आसान थोड़े ही है
तुम्हे तो सब पता है
कितना पैसा और ऊर्जा लगती है ( ऊर्जा को तेल पढ़े)
पर ये लोग तो माहिर है इसमें
बना देंगे फिर कोई नया ओसामा
पहले भी खूब इन्होने बनाये है
और फिर इनके सारे गुनाह तो माफ़ है
तुम चिंता मत करो इस बात की
बाय बाय ओसामा याद आओगे सबको कभी कभी
हर साल सितम्बर के महीने में!
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