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सोमवार, 2 मई 2011

khel gubbare

धोनी = डेविड बेकहम 

अभी कुछ ही समय पहले तक एक फुटबाल स्टार बड़ी चर्चा में थे, नाम था जनाब का  डेविड बेकहम! पोपुलर इतने कि दुनिया का बड़े से बड़ा ब्रांड इन्हें अपने साथ जोड़ने को बेक़रार था , फिल्म भी बनी इनके नाम पर "bend it like beckham" यानि कि बेकहम कि तरह फ्री किक मार  कर बाल को घुमाओ..... हायब्रिड फिल्म थी हायब्रिड कुल्चर के लिए!  नयी नयी हेयर स्टाइल वाले डेविड  पहले मानचेस्टर यूनाइटेड के लिए खेलते थे बाद में उन्हें स्पेन के बड़े क्लब रीयल मड्रिड ने बेहिसाब पैसा देकर खरीदा, यही वो समय था जब भारत में इंग्लिश प्रीमियर लीग की धूम थी बेकहम,फिगो और थियेरी ऑनरी के नाम की खूब टी शर्ट बिकती थी इधर  ईस्पीन और स्टार स्पोर्ट्स,  फुटबाल के मैच  दिखा दिखा के हमारी नयी पीढी को प्ले स्टेशन पर तो कम से कम फुटबाल खेलना सीखा ही  रहे  थे! कुल मिला कहे तो  बेकहम अपने चरम पर थे मैदान और मैदान के बाहर दोनों जगह, बाकी जो कसर बचती थी वो इनकी बीवी विक्टोरिया अपने जलवो से पुरी कर देती थी आखिर वो भी अपने आप में  एक सेलब्रिटी थी! स्पाईस गर्ल बेंड में जो थी!  उसी दौर में फुटबाल के हार्डकोर विशेषज्ञ इस बात पर बहस कर रहे थे क्या बेकहम इतने बड़े खिलाडी है या उन्हें योही गुब्बारें  की तरह फुलाया जा रहा, क्योंकि वो  फुटबाल की मार्केटिंग  कम्पनियों के लिए पैसा बनाने का एक जरीया मात्र है! हालाँकि बाद में हुआ भी ये ही गुबारे में से हवा निकलने लगी क्योंकि पहले तो  बेकहम इंग्लैंड की फ़ुटबाल कप्तान के तोर पर कोई खास कमाल नहीं दिखा पाए और इंग्लैंड की नेशनल टीम के बाद रीयल मद्रीद से होते हुए अमरीका के एक क्लब में जा पहुचे, और फिर धीरे धीरे स्पोर्ट्स कम्पनीयों ने भी  अपने नए बेकहम ढूंढ़ लिए! यहा बात यह है की बेकहम की खिलाड़ी के तोर पर योग्यता पर शक किसी को नहीं था परन्तु उनसे फुटबाल के अलावा बहुत कुछ खिलवाया गया,और वो भी खूब  खेले क्योंकि इसी में सबका फायदा था! पर क्या अगर ये सब एक संतुलित दायरे में  होता तो ये ही डेविड इंग्लैंड के लिए कम से कम  इतना अच्छा खेल के जाते जितना अच्छे  से एक स्पोर्ट्स ब्रांड आईकोन बन के गए! और दुनिया उन्हें एक शानदार खिलाडी के तोर पे याद रखती!

येही कहानी कुछ कुछ हमारे देश में दोहराई जा रही है भारतीय टीम  के क्रिकेट वर्ल्ड कप जीतने से पहले तक और किसी हद तक अभी भी मुझे ये लगता है की महेंद्र सिंह धोनी भी क्रिकेट के डेविड  बेकहम का रोले प्ले कर रहे है धोनी की एंट्री भारतीय क्रिकेट में उस समय हुई जब हम गांगुली के गोल्डेन एरा के ग्रेग चैपल नुमा चैप्टर में थे टीम से  सचिन,गांगुली,द्रविड़,लक्ष्मण और कुंबले की एक एक करके विदाई हो रही थी! ललित मोदी अपना आईपिल का सर्कुस लेके आये, icc की हालत bcci के सामने भीगी बिल्ली की तरह हो गयी! और भद्र लोगो का यह पुराना खेल अब शिल्पा शेट्टी,शाहरुख़ और प्रिटी के गोल गोल टोहो( dimpals) का हो गया यानि क्रिकेट की बीरयानी का फास्ट फ़ूड बर्गर बना दिया! और इस सबके लिए कुछ ऐसे हीरो तो चाहिये थे जिनपे लपेट कर इस नए क्रिकेट को परोसा जा सके और उस मेनू में हमारे धोनी जी पुरे फिट बैठते है! स्माल टाऊन  बॉय,न कोई पहले का  ईमेज बैगेज और कूल स्टाइल वाला यंग क्रिक्केटर जो आज के युवा की तरह बिंदास दीखता भी है और फिर क्या था सहवाग और युवराज जैसे सीनियरों के बावजूद कप्तानी द्रविड़ से धोनी की झोली में आ गयी! पर  क्या धोनी का एक खिलाड़ी के तोर पर ऐसा प्रदर्शन है की उन्हें टीम की कप्तानी मिल जाये! आंकड़े तो कुछ और ही कहानी कहते है! हालाँकि कप्तानी का रिकॉर्ड उनके स्वयं के गेम से अच्छा है! बेकहम  की तरह उनके पास भी हर तरह के ब्रांड्स  की भरमार है आईपिल टीम की कप्तानी है,  और धोनी जी कार,मकान, शेम्पू सब कुछ बेचते है उनका अपना एड कम्पनियों द्वारा गढ़ा हुआ  हेलिकोप्टर शोट भी है!

हालाँकि एड करना या इससे से पैसा कमाना कोई बुरी बात नहीं है दुनिया भर के सभी खिलाड़ी ये ही करते है  पर बात यह है की आप केवल स्पोर्ट्स मेनेजमेंट कम्पनियों के फुलाए हुए गुब्बारे  है या सचिन, लारा, ड़ी सिल्वा, लक्ष्मण,  अकरम, वार्ने या कुंबले जैसे महान खिलाड़ी है जिनको देखने के लिए लोग मेदान में जाते थे न की चीयर गर्ल्स  का बेहूदा डांस या उगडा हुआ बदन देखने के बहाने लोग आपको देखते है! सोने पे सुहागा   अब तो देश ने वर्ल्ड कप जीत लिया है, बड़ी खुशी की बात है परन्तु  ये गुब्बारे अब और फूलेंगे.....फूलेंगे! जब तक कोई नया धोनी न मिल जाये!  बेकहम और धोनी में फर्क सिर्फ इसी  वर्ल्ड कप जीत का ही है (कोई छोटा फर्क नहीं है) ...........उड़ो गुब्बारों हवा सही चल रही है!

हाँ अंत में एक बात और....... क्या विडंबना है की लक्ष्मण जैसा प्लयेर अपने केरीयर में एक वर्ल्ड कप नहीं खेल पाया और ये दिनेश मोंगिया,आशिस नेहरा,पियूष चावला जैसे खिलाड़ी वर्ल्ड कप की टीमो में खेले है!

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