सभी बुजुर्गवर, पुराने और स्थापित ब्लॉगर भाई और बहनों को सादर प्रणाम!
बहुत दिनों से सोच रहा था की मैं भी इस नयी जमात ( मेरे लिए तो नयी ही है ) में शामिल होऊ और कुछ अपना भला कर सकू, कुछ नया सीख सकू, अपने दोस्तों का ब्लॉग देखा अच्छा लगा उनमे से कई लोग बड़े प्रतिभाशाली है और बहुत ही अच्छा लिखते है उन्ही लोगो से कुछ प्रेरणा मिली और ये नन्हा सा नौशखिया तैराक इस नए सागर में कूदा तो है हालाँकि मेरा लिखने पर इतना अधिकार नहीं है पर इसी बहाने कुछ तो सुधार होगा, उम्मीद पे तो दुनिया कायम है वैसे बड़ी मुश्किल से हिंदी में टाइप करने का तरीका ढूंढ़ पाया और मिलते ही कुछ कुछ लिखने की कोशिश कर रहा हू!
तो आप सभी बड़े बुजुर्गो के आशीर्वाद से यह यात्रा आरम्भ कर रहा हू!
सादर प्रणाम!
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