अपने अपने एवरेस्ट
सुना है कि एक आदमी, नेपाल का
पच्चीस बार एवरेस्ट पर चढ़ा है
अरे भाई छोटे कद वाले परन्तु मजबूत इरादों वाले लोग है
चढ़ सकते है कहीं भी, और किसी पर भी, एवरेस्ट क्या चीज है
उसकी देखा देखी हम सब
मैं भी, तुम भी और ये पास में बैठी लडकी भी
है ऊपर या नीचे परन्तु फिर भी कोशिश में लगे है
क्योंकि सबका अपना अलग अलग एवरेस्ट है
हर घर, गली-मोहल्ले और मन में है मौजूद
रोज चढ़ते है, और चढ़ते चढ़ते फिर गिर पड़ते है,
गिरते ज्यादा है
फिसलन ज्यादा है ना शेयर मार्केट में आजकल
इसी चढ़ावत गिरावट में शामिल हूँ
मैं भी, तुम भी और ये पास में बैठी लडकी भी
लडकी तो थोड़ी नादाँ और मासूम लगती है
पर होशियार है बहुत, शेयर मार्केट की नोलेज है उसको
और हम तो जानते ही एक दुसरे को क्या बताऊ मैं
बरसो से साथ में है इस मिशन पर
पर इन असफल कोशिशो के बावजूद उम्मीद है कि
एक दिन तो पहुंचेंगे एवेरेस्ट के उस पर पार जन्नत या नरक में
मै भी, तुम भी और ये पास में बैठी लडकी भी
जहाँ कोई दुःख, कोई गम और मैं, तुम, ये लड़की कोई नहीं होगा
क्योंकि जन्नत या नरक जो भी होगी, अपनी अलग अलग होगी ना
और हमें अपने अपने हिस्से का मोक्ष मिल जायेगा
पता नहीं क्या मिलेगा, हमें क्या पता
पता नहीं क्या मिलेगा, हमें क्या पता
एक बार नेपाल के सुपर शेरपा से पूछ ले क्या?
वो तो अनुभवी है ना.....
वो तो अनुभवी है ना.....
1 टिप्पणी:
Ramesh ye tumahre liye hai aur uske liye hai jo is kavita main tumhare sath hai aur us ladki k liye bhi jo tumhare paas baithee hai is kavita main
Akasharshah baat tumharee maan rahee hun
Everest hain sabke apne apne jaan rahee hun
Kintu moksh bhi ek paheli itna jano
Jeevan mein kewal ek lakshya hai ye matt mano
Everest kaii hain ek kshanik se jeevan main bhi
Isiliye nirantar chalaymann hain sabhi
Jeevan ki gati naye naye dhyeyon se aatee
(Ek )shail matr se buddhi santosh kahan pati
anginat hai is jeevan main Evereston ki ginti..
Moksh prapti in everesto k tyag se milteee...!!!
Karuna
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